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Alone shayari in hindi 2022

तुझ संग बनाये आशियाने आज भी वीरान है
तेरे जाने के बाद उन्होंने खो दी अपनी पहचान है,
आज भी मैं उनमे अकेला हु तेरे लौट आने की आस में
आज भी तनहा हु मै तेरी तलाश में।।

Tujh sang banaye aashiyane aaj bhi veeran hai
Tere jane ke bad unhone kho di apni pehchan hai,
Aaj bhi main unme akela hu
Tere laut aane ki aas me
Aaj bhi tanha hu main
Teri talash me.

अपने दिल की बात दिल में रखकर
आज खत्म कर रहा हूं मैं ये इश्क का किस्सा…..
अब दिल तेरा करे तो बंया करना इश्क तेरा
क्योंकि आज भी मुझसे ज्यादा मुझपे हक है तेरा …..

Apne dil ki baat dil me rakhkar aaj
Khatm kr raha hu ye ishq ka kissa…
Ab dil tera kare to baya karna ishq tera
Kyuki aaj bhi mujhse jyada mujhpe haq hai tera.

सौंप दू मै खुद ही अपना सबकुछ उसे,
पर मेरा सबकुछ उसपर यु ही जाया न जाये,
गर वो चाहे तो मै चला भी जाऊ,
बस केह दो उससे के नींद मेरी मुझे वापस दे जाए

Sonp du main khud hi apna sabkuch use,
Par mera sabkuch uspar yu hi jaya na jaye,
Gar wo chahe to me chala bhi jau,
Bas keh do usko ke nind meri mujhe wapis de jaye.

तुझसे दूर होकर भी
तेरी सलामती की दुआ मांगी है
चंद शब्दों में बयां ना हो
ऐसी हमारी अधूरी कहानी है।।

Tujhse dur hokar bhi
Teri salamati ki dua mangi hai…
Chand shabdo me bayan na ho
Esi hamari adhuri kahani hai.

शिकायत तो क्या अब तुमसे
इश्क की बात तक नहीं करूंगा…..
तुम तरस जाओगे मेरे होठों से
इश्क के अल्फाज सुनने को
मैं होठों से क्या अब आखों से
भी बयां नहीं करूंगा….

Shikayat to kya ab me tumse
ishq ki baat tak nhi karunga…
Tum taras jaoge mere hontho se
ishq ke sunne ko…
Main hontho se kya
Ab aankho se bhi baya nahi karunga.

sad shayari in hindi for life

हजार मुसीबत के बाद भी हम सपनो से लड़े है
जख्म गहरे है लेकिन अपने पैरों पर खड़े है,
इन हवाओं ने मशक्कत बहोत की थी हमें गिराने की
लेकिन कांपते पंख लिए बड़ी शिद्दत से उड़े है।

Hajar musibat ke bad bhi hum sapno se lade hai
Jakhm gehre hai lekin apne pairo par khade hai,
Inn hawao ne mashakkat bahut ki thi hume giraane ki
Lekin kaanpte pankh liye badi shiddat se ude hai.

ये उदासियां तो बस रात की कहानी है,
सुबह उठकर तो हम मुस्कुराया करते है!!

Ye udasiya to bas raat ki kahaani hai,
Subah uthkar to hum muskuraya karte hai.

कुछ गलतिया कुछ सवाल मैं रात में गुनगुना रहा था
मैं कुछ नाकामियों को दिमाग में सजा रहा था,
कुछ टूटे सपने साथ चल दिए मेरे
पीछे एक खूबसूरत ख्वाब मुझे देखकर मुस्कुरा रहा था।

Kuch galtiyan kuch sawal me raat me gunguna raha tha
Main kuch naakamiyo ko dimag me saja raha tha,
kuch tute sapne saath chal diye mere
piche ek khubsurat khwab mujhe dekhkar muskura raha tha.

महँगे वक़्त के इस दौर में
अब वो मुफ़्त की खुशिया कहा है,
गुजारना आसान है इन शामो को…
जो एक पल चैन से सो लेने दे अब वो राते कहा है।

Mehenge waqt ke iss daur me
Ab wo muft ki khushiya kaha hai,
Gujarna aasan hai inn shamo ko…
Jo ek pal chain se so lene de ab wo raate kaha hai.

खुद से खुद को ही दूर करे जा रहा हु मैं
न जाने कोनसी राह पर चले जा रहा हु मैं,
मंज़िल तो सबकी एक ही है….
दुसरो को देख कर चले जा रहा हु मैं।

Khud se khud ko hi dur kare jaa raha hu me
Na jana konsi raah par chale jaa raha hu me,
Manjil to sabki ek hi hai….
dusro ko dekhkar chale ja raha hu me.

अपनी कमियों को छुपाने में इतना मसरूफ हो गए सब ,
अपनी कामयाबियों को ऊजागर नहीं कर पा रहे अब।

Apni kamiyo ko chupanr me itna mashroof ho gye sab,
Apni kaamiyabiyo ko ujagar nahi kar paa rahe ab.

अब घायल परिंदा क्या ही उड़ पायेगा,
मिट्टी से लड़ेगा या मिट्टी में मिल जायेगा।

Ab ghayal parinda kya hi udd payega,
Mitti se ladega ya mitti me mil jayega.

ऐ ज़िन्दगी तू आजकल बहोत
बहकी बहकी सी बात करती है,
नशा उसकी नज़रो का पिलाकर
मुझे होश में रहने की बात करती है।

Ae zindagi tu aajkal bahut
Behki behki si baat krti hai,
Nasha usku najro ka pilakar
Mujhe hosh me rehne ki bat karti hai.

Latest Hindi Shayari 2021

यहीं तक रह जाने दो इसे
सही सलामत किनारे तक पहुचायेगी,
कागज़ की कश्तियां है दोस्त
ख्वाबों का बोझ ये नहीं उठा पायेगी।

Yahi tak reh jane do ise
sahi salamat kinaare tak pahuchayehi,
Kaagaz ki kashtiya hai dost
khwabo ka bojh ye nahi utha payegi.

बहुत करीब आ गयी थी वो मेरे,
मुझे लगा जैसे मेरी ही हो।

Bahut karib aa gayi thi wo mere,
Mujhe laga jaise meri hi ho.

करी थी मेने जिससे मोहब्बत,
अब वो बेकार हो गयी
मैं जिसे अपना समझता था…
अब वो किसी और की हो गयी।

Kari thi mene jisse mohabbat,
Ab wo bekar ho gayi,
Me jise apna samjhta tha…
Ab wo kisi or ki ho gayi.

New Two Line Shayari

कोई बड़े सपने नहीं है आसमा भी किसे चाहिए,
छोटी छोटी खुशियां और साथ तुम्हारा चाहिए।

हक़ीक़त में ना सही तो ख्वाबो में ही सही,
हर बार इज़हार मुकम्मल तो होता है।

Haqiqat me naa sahi to khwabo me hi sahi,
Har bar ijhaar muqammal to hota hai.

जलाकर अपना कलेजा चाय को बाहों में भरता है,
कुल्हड़ जैसा इश्क़ भला कौन करता है।

Jalakar apna kaleja chai ko baaho me bharta hai,
Kulhad jesa ishq bhala kon karta hai.

वो नासमझी का बचपन ही अच्छा था,
बड़े क्या हुए हर चीज समझ बैठे।

Wo naasamjhi ka bachpan hi achha tha,
Bade kya hue har chij samajh bethe.

अपनी कमियों को छुपाने में इतना मशरूफ हो गए सब,
अपनी कामयाबियों को ऊजागर नहीं कर पा रहे अब।

Apni kamiyon ko chupane me itna mashroof ho gye sab,
Apni kamiyabiyo ko ujagar nahi kar paa rahe ab.

कुदरत का मिजाज ही कुछ ऐसा है,
खुद को मिटा देना होता है फिर से खुद को बनाने के लिए।

Kudrat ka mijaj hi kuch esa hai,
Khud ko mita dena hota hai fir se
khud ko banane ke liye.

तू किसी coding की तरह उलझी सी,
मैं किसी coder की तरह सुलझा सा।

Tu kisi coding ki tarah uljhi si,
Me kisi coder ki suljha sa.

Hindi Sad Shayari

मालूम अगर पहले से होता
की एक दिन तुम मुझे छोड़ दोगी..
तो भी हम बेशक तुमसे
बेइंतेहा मोहब्बत करते!!
और आज तुम जो इतना
मुस्कुरा रही हो…
सोचो क्या होता अगर
हम ऊपर वाले से
तुम्हे खुश रखने की
दुआ ही ना करते!

Malum agar pehle se hota
ki ek din tum mujhe chod dogi..
to bhi hum beshak tumse
beinteha mohabbat karte.
aur aaj tum jo itna
muskura rahi ho….
socho kya hota agar
hum upar wale se
tumhe khush rakhne ki
dua hi naa karte

मैं तो खुद से ही हार चूका हु अब
शिकायत करू में किसकी…..
अपनो ने ही धोका दिया है
अब बगावत करू मैं किसकी?

Main to khud se hi haar chuka hu ab
shikayat karu me kiski…..
apno ne hi dhoka diya hai
ab bagawat karu me kiski.