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Long Distance Shayari

कैसे पुछु अब उससे
की तेरे हाल क्या है????
ठीक तो थे तुम पहले भी…
पर फिलहाल क्या है????
यूँ तो अक्सर गुज़रता था उन गलियों से
फक़त ही इच्छा लिए की
तुम्हारी झूठी ही सही
पर एक मुस्कान दिख जाए,
पर कंभक्त ना जाने क्यों..
खाली हाथ लौटने पर
जब रात को सिरहाने से सट के रोता हु..
तो सोचता हु आखिर ये मलाल क्या है????
बस अब भूल जाना चाहता हु तुम्हें..
मिटा देना चाहता हु वो यादें,वो मुलाकाते,
और वो लंबी रातें भरी बातें..
पर कंभक्त तुम्हें सपनों में देखकर
फिर सहम जाता हूँ….
सोचता हु आखिर ये बवाल क्या है????
अब बेज़ार सी लगती हो तुम..
और बर्बाद से लगते है हम,
पर ना जाने क्यों अब ये दिमाग भी
दिल को चिढ़ाकर पूछ ही लेता है….
की आखिर तेरे हाल क्या है????
आखिर तेरे हाल क्या है????

Kese puchu ab usse
ki tere haal kya hai????
thik to the tum pehle bhi
par filhaal kya hai????
yu to aksar guzarta tha un galiyo se..
fakat hi iccha liye… ki tumhari jhuti
hi sahi… pr ek muskaan dikh jaaye,
pr kambhakt naa jane kyu
khaali hath lautne pr…..
jab raat ko sirhaane se sat ke rota hu..
to sochta hu aakhir ye malaal kya hai??
bas ab bhul jana chahta hu tumhe..
mita dena chahta hu wo yaadein,
wo mulaqaate, or wo lambi raate bhari baatein…..
par kambhakt tumhe sapno me dekhkar
fir seham jata hu…..
sochta hu aakhir ye bawal kya hai????
ab bezaar si lagti ho tum..
or barbad se lagte hai hum,
par naa jane kyun ab ye dimag bhi..
dil ko chidhakar puch hi leta hai,
ki aakhir tere haal kya hai????
aakhir tere haal kya hai????

Sad Shayari in hindi

बांध गई वो हर समा ऐसे,
कि अब हर समे में वोह ही हो जैसे।
रूबरू कर गई उसकी रूह इस रूह से,
कि थम सी गई ये सांसे,न जाने कैसे!!!!!

Baandh gai wo sama ese,
ki ab har same me woh hi ho jese,
rubaru kar gai uski ruh iss ruh se,
ki tham si gai ye saase naa jane kese.

ज़रूरत के वक़्त उसने मुझे यूं तन्हा छोड़ दिया,
हवाओं का क्या,उसने तो अपना भी रुख मोड़ लिया।।
इस कमज़र्फ दिल पे बोझ ढाने से पहले ही,
मैने उसका और अपना ये कमज़र्फ दिल ही तोड़ दिया ।।।।

Jarurat ke waqt usne mujhe yu tanha chod diya,
hawao ka ky, usne to apna bhi rukh mod liya,
iss kamjarf dil pr bojh dhane se pehle hii,
mene uska or apna ye kamjarf dil hi tod diya.

हाल पूछ लेते है खुद से कभी..
औरो से उम्मीद किसे है,
चलो फिर चल देते है मुस्कुरा के
अब इन ग़मो से तक़लीफ़ किसे है।।

Haal puch lete hai khud se kabhi..
auroo se ummid kise hai,
chalo fir chal dete h muskura ke
ab inn ghamo se taqlif kise hai.

हमें पता था की उनकी मोहब्बत में ज़हर है,
लेकिन उनके पिलाने का अंदाज़ इतना प्यारा था
की हम ठुकरा ना सके!!

Hume pata tha ki unki mohabbat me zeher hai,
lekin unke pilane ka andaaz itna pyara tha
ki hum thukra na sake..

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