Latest Hindi Shayari 2021

यहीं तक रह जाने दो इसे
सही सलामत किनारे तक पहुचायेगी,
कागज़ की कश्तियां है दोस्त
ख्वाबों का बोझ ये नहीं उठा पायेगी।

Yahi tak reh jane do ise
sahi salamat kinaare tak pahuchayehi,
Kaagaz ki kashtiya hai dost
khwabo ka bojh ye nahi utha payegi.

बहुत करीब आ गयी थी वो मेरे,
मुझे लगा जैसे मेरी ही हो।

Bahut karib aa gayi thi wo mere,
Mujhe laga jaise meri hi ho.

करी थी मेने जिससे मोहब्बत,
अब वो बेकार हो गयी
मैं जिसे अपना समझता था…
अब वो किसी और की हो गयी।

Kari thi mene jisse mohabbat,
Ab wo bekar ho gayi,
Me jise apna samjhta tha…
Ab wo kisi or ki ho gayi.