sad shayari in hindi for life

हजार मुसीबत के बाद भी हम सपनो से लड़े है
जख्म गहरे है लेकिन अपने पैरों पर खड़े है,
इन हवाओं ने मशक्कत बहोत की थी हमें गिराने की
लेकिन कांपते पंख लिए बड़ी शिद्दत से उड़े है।

Hajar musibat ke bad bhi hum sapno se lade hai
Jakhm gehre hai lekin apne pairo par khade hai,
Inn hawao ne mashakkat bahut ki thi hume giraane ki
Lekin kaanpte pankh liye badi shiddat se ude hai.

ये उदासियां तो बस रात की कहानी है,
सुबह उठकर तो हम मुस्कुराया करते है!!

Ye udasiya to bas raat ki kahaani hai,
Subah uthkar to hum muskuraya karte hai.

कुछ गलतिया कुछ सवाल मैं रात में गुनगुना रहा था
मैं कुछ नाकामियों को दिमाग में सजा रहा था,
कुछ टूटे सपने साथ चल दिए मेरे
पीछे एक खूबसूरत ख्वाब मुझे देखकर मुस्कुरा रहा था।

Kuch galtiyan kuch sawal me raat me gunguna raha tha
Main kuch naakamiyo ko dimag me saja raha tha,
kuch tute sapne saath chal diye mere
piche ek khubsurat khwab mujhe dekhkar muskura raha tha.

महँगे वक़्त के इस दौर में
अब वो मुफ़्त की खुशिया कहा है,
गुजारना आसान है इन शामो को…
जो एक पल चैन से सो लेने दे अब वो राते कहा है।

Mehenge waqt ke iss daur me
Ab wo muft ki khushiya kaha hai,
Gujarna aasan hai inn shamo ko…
Jo ek pal chain se so lene de ab wo raate kaha hai.

खुद से खुद को ही दूर करे जा रहा हु मैं
न जाने कोनसी राह पर चले जा रहा हु मैं,
मंज़िल तो सबकी एक ही है….
दुसरो को देख कर चले जा रहा हु मैं।

Khud se khud ko hi dur kare jaa raha hu me
Na jana konsi raah par chale jaa raha hu me,
Manjil to sabki ek hi hai….
dusro ko dekhkar chale ja raha hu me.

अपनी कमियों को छुपाने में इतना मसरूफ हो गए सब ,
अपनी कामयाबियों को ऊजागर नहीं कर पा रहे अब।

Apni kamiyo ko chupanr me itna mashroof ho gye sab,
Apni kaamiyabiyo ko ujagar nahi kar paa rahe ab.

अब घायल परिंदा क्या ही उड़ पायेगा,
मिट्टी से लड़ेगा या मिट्टी में मिल जायेगा।

Ab ghayal parinda kya hi udd payega,
Mitti se ladega ya mitti me mil jayega.

ऐ ज़िन्दगी तू आजकल बहोत
बहकी बहकी सी बात करती है,
नशा उसकी नज़रो का पिलाकर
मुझे होश में रहने की बात करती है।

Ae zindagi tu aajkal bahut
Behki behki si baat krti hai,
Nasha usku najro ka pilakar
Mujhe hosh me rehne ki bat karti hai.